Mirza Ghalib Ke 100 Rang, Naraz, Musafir & Charag | 4 Books Hindi Literature & Poetry Combo
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Mirza Ghalib Ke 100 Rang - ग़ालिब पर बहुत कुछ लिखा गया है, लेकिन ग़ालिब के सौ शेरों के साथ बैठकर उनके भीतर खुलते अर्थों की सौ अलग दिशाओं को देखना एक अलग तरह का काम है। मिर्ज़ा ग़ालिब के सौ रंग इसी पाठकीय और आलोचनात्मक अनुभव से बनी पुस्तक है। इसमें ग़ालिब के सौ चुनिंदा शेर हैं-ऐसे शेर, जिन्हें हममें से अधिकांश पहले से जानते हैं, सुनते आए हैं, उद्धृत करते रहे हैं; लेकिन जिन्हें ध्यान से पढ़ने पर भाषा, अनुभव और अर्थ की नई परतें खुलती हैं।
Naraz - नाराज़ राहत इंदौरी राहत की पहचान के कई हवाले हैं - वो रंगों और रेखाओं के फ़नकार भी हैं, कॉलेज में साहित्य के उस्ताद भी, मक़बूल फ़िल्मी गीतकार भी हैं और हर दिल अज़ीज़ मशहूर शायर भी I इन सबके साथ राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों की पृष्ठभूमि में इंसान की अंदरुनी और बाहरी कश्मकश के प्रत्यक्षदर्शी भी हैं I
Musafir - डॉ. बशीर बद्र के शेरों में जज़्बे और एहसास की जो घुलावट मिलती है वो उन्हें दूसरे शायरों से न सिर्फ़ अलग करती है - बल्कि उनमें ग़ज़ल की आम लफ़ज़ियात से शऊरी गुरेज़ और इर्द गिर्द के माहौल से उनकी ज़ेहनी कुर्बत उन तब्दीलियों का इशारा बनती है जो बाद में ज़्यादा सफ़ाई और चतुराई के साथ उनकी ग़ज़ल की शिनाख़्त मानी जाती है . बशीर बद्र की आवाज़ दूर से पहचानी जाती है .
Charag - वसीम बरेलवी की रचनायें खास व आम दोनों ही तरह के लोगों की ज़बान पर रहते हैं I इनकी इन्हीं रचनाओं का संकलन है चराग I आसान और आम फ़हम ज़बान का इस्तेमाल कर वसीम की शायरी सभी का दिल जीत लेती है I चराग में वसीम बरेलवी अपना जुड़ाव इस युग, माहौल और मिट्टी से भरपूर दर्शाते हैं I वह सिर्फ़ काल्पनिक दुनिया की बातें नहीं करते बल्कि अपने आस-पास से पूरी तरह बाख़बर रहते हैं और जदीद मौजूआत, अर्थात समकालीन समस्याओं और घटनाओं पर पूरी नज़र रखते हुए इन्हें अपनी शायरी का हिस्सा बनाते हैं I
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Book Details
- Publisher
- Combo
- ISBN
- Diwali_Combo_5
- Year
- 2026
- Format
- Paperback
- Pages
- 750
- Language
- Hindi
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