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By Satoshi Yagisawa • Publisher Manjul Hindi
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परिवारों, प्रेम, नयी शुरुआतों और पुस्तकों से मिलने वाली राहत की कहानी टोक्यो के जिम्बोचो इलाके में पुस्तक-प्रेमियों का स्वर्ग छिपा हुआ है। सड़क के एक शान्त कोने में, लकड़ी की एक पुरानी इमारत में सैकड़ों पुरानी पुस्तकों से भरी एक दूकान है। पच्चीस वर्षीय तकाको को पुस्तकें पढ़ना कभी पसन्द नहीं रहा, हालाँकि मोरीसाकी बुकशॉप तीन पीढ़ियों से उसके परिवार का हिस्सा रही है। यह उसके अंकल सातोरू के लिए गर्व और आनन्द का विषय है। उन्होंने अपनी पत्नी मोमोको के चले जाने के बाद अपना पूरा जीवन उस दूकान के लिए समर्पित कर दिया। जब तकाको का प्रेमी उसे बताता है कि वह किसी और से शादी करने जा रहा है, तो उसके अंकल उससे दूकान के ऊपर के छोटे-से कमरे में रहने की पेशकश करते हैं, जिसके लिए तकाको को कोई किराया नहीं देना है। तकाको इस पेशकश को स्वीकार कर लेती है। वह वहाँ के शान्त वातावरण में अपने टूटे दिल के घाव भरने की उम्मीद लेकर आती है, लेकिन जब मोरीसाकी बुकशॉप में रखी ढेरों पुस्तकों के भीतर वह एक नयी दुनिया का साक्षात्कार करती है, तो वह विस्मय से भर उठती है। गर्मियों के बाद पतझड़ का मौसम आता है और सातोरू व मोमोको पाते हैं कि वे कई चीज़ों में समान रुप से रुचि रखते हैं। मोरीसाकी बुकशॉप उन दोनों को जीवन, प्रेम की तथा पुस्तकों की उपचारात्मक क्षमता के बारे में बहुत कुछ सिखाती है।

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Book Details

Publisher
Manjul Hindi
ISBN
9789373171289
Year
2026
Pages
172
100% Original Books Every title is sourced from trusted publishers.
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