Maharani (Hindi Translation Of Maharani)
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वास्तव में नीना दूसरी महारानी थी। पहली की मृत्यु रहस्यमय हालात में हुई। मैं पहली रानी से कभी नहीं मिला। उस वक्त मैं एक छोटा लड़का था; लेकिन मैंने माँ और उनकी सहेली डोरीन को अकसर उनके बारे में, खासतौर पर कम उम्र में उनकी मौत पर अटकलें लगाते सुना था।
वह एक खूबसूरत लड़की थी, जो एक छोटी सी पहाड़ी रियासत के राजा की बेटी थी। उसने अपने पति को वारिस के तौर पर एक बेटा दिया, इसलिए उस लिहाज से तो उससे कोई शिकायत नहीं हो सकती थी। हालाँकि वह सबके साथ घुलने-मिलनेवाली और बिंदास नहीं थी। उसे पार्टी करना पसंद नहीं था, शिकार पर जाना तो बिल्कुल भी नहीं; जबकि महाराजा को इन सबका शौक था। वे अपने चेले-चमचों को लेकर शिकार पर चले जाते, लेकिन महारानी घर पर ही रहना पसंद करती थी।
--इसी उपन्यास से
एच.एच. मस्तीपुर के महाराजा की एक बिगड़ैल, स्वार्थी और सुंदर विधवा है। वह मसूरी में अपने कुत्तों और चौकीदार हंस के साथ एक बहुत बड़े घर में रहती है। अपने बेपरवाह बेटों को पास फटकने नहीं देती, जो उसकी संपत्ति पर नजरें गड़ाए रहते हैं । उसका दोस्त रस्किन उसके कारनामों को अकसर नापसंदगी से देखता है, लेकिन चाहकर भी अपने आपको उससे अलग नहीं कर पाता।
ऐसी बिगड़ैल महारानी की कथा, जो पाठकों की जीवन-दृष्टि ही बदल देगी।
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Book Details
- Publisher
- Prabhat Prakashan
- ISBN
- 9789355214188
- Year
- 2025
- Format
- Paperback
- Pages
- 200
- Language
- Hindi
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