Ek Gadhe Ki Aatma Katha
Rs. 269.10
Rs. 299.00
ये एक ही पुस्तक में तीन व्यंग्य उपन्यास हैं। पहला उपन्यास ‘एक गधे की आत्मकथा’ है। यह अलग बात है कि इसे लिखा है प्रसिद्ध व्यंग्यकार-कथाकार कृश्न चन्दर ने। दरअसल कृश्न चन्दर ने एक गधे के माध्यम से वर्तमान सामाजिक और राजनीतिक विसंगतियों और लोगों की मनोवृत्तियों पर गहरा प्रहार किया है। उनका व्यंग्य पैना, तीखा और कचोटने वाला है। आत्मकथा के दूसरे खंड ‘एक गधे की वापसी’ में गधे ने जहाँ बड़े-बड़े नेताओं से भेंट की, वहीं वह सेठ भी आया। इसी बीच वह आशिक भी बन बैठा। इस तरह साहूकारों के संपर्क में-तीसरे खंड में ‘एक गधे की वापसी’ धमाकेदार रही|
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