Paise Se Parmatma Ki Or
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“पैसे का सर्वोत्तम संस्कारित समान्तर लक्ष्मी है। लक्ष्मी का उद्देश्य है नारायण को वरण करना। यदि कोई नर, नारायण के गुणों को अपनाकर स्वयं नारायण बन जाता है तो सोने में सुहागा वाली बात चरितार्थ होती है, और अगर आप किसी कारणवश नारायण नहीं बन सकते हैं तो आप उनके घर जाकर उनका दर्शन कीजिए, उनसे मिलिए, उनका आशीर्वाद लीजिए। मैंने लक्ष्मी और नारायण दोनों का आवास बता दिया है। यह आपकी मर्ज़ी है, आप उनसे मिलना चाहते हैं अथवा नहीं।”
उपरोक्त कथन लेखक के हैं। यह पुस्तक सीधे तौर पर यह बताती है कि इस जीवन में रहकर भी आप परमात्मा को प्राप्त कर सकते हैं, आप जैसा जीवन जी रहे हैं, उसमें सन्तोष और आमदनी के स्रोत पैदा कीजिए। यह स्रोत ईमानदारी और मेहनत का होना चाहिए। आपको परमात्मा की अवश्य ही प्राप्ति होगी।
निस्सन्देह, जीवन-प्रबन्धन की एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण पुस्तक है ‘पैसे से परमात्मा की ओर’।
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Book Details
- Publisher
- Radhakrishna Prakashan
- Edition
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- ISBN
- 9788183611893
- Year
- 2014
- Format
- Paperback
- Language
- Hindi