Sunhu Tat Yah Akath Kahani
- Free shipping on orders above ₹499.
कथाकार और उपन्यासकार के रूप में शिवानी की लेखनी ने स्तरीयता और लोकप्रियता की खाई को पाटते हुए एक नई ज़मीन बनाई थी, जहाँ हर वर्ग और हर रुचि के पाठक सहज भाव से विचरण कर सकते थे। उन्होंने मानवीय संवेदनाओं और सम्बन्धगत भावनाओं की इतने बारीक और महीन ढंग से पुनर्रचना की कि वे अपने समय में सबसे ज़्यादा पढ़े जानेवाले लेखकों में एक होकर रहीं।
कहानी, उपन्यास के अलावा शिवानी ने संस्मरण और रेखाचित्र आदि विधाओं में भी बराबर लेखन किया। अपने सम्पर्क में आए व्यक्तियों को उन्होंने क़रीब से देखा, कभी लेखक की निगाह से तो कभी मनुष्य की निगाह से, और इस तरह उनके भरे-पूरे चित्रों को शब्दों में उकेरा और कलाकृति बना दिया।
इस पुस्तक में शिवानी की आत्मवृत्तात्मक ‘सुनहु तात यह अकथ कहानी’ और ‘सोने दे’ शीर्षक के लेख शामिल हैं। आशा है, शिवानी के कथा-साहित्य के पाठकों को उनकी ये रचनाएँ भी पसन्द आएँगी।
Frequently Bought Together
Recommended products for this item
You can get your product within 4-7 days when you order today.
Book Details
- Publisher
- Radhakrishna Prakashan
- Edition
- 4th
- ISBN
- 9788183611596
- Year
- 2023
- Format
- Paperback, Hardcover
- Language
- Hindi