PREMA - PREMCHAND
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• विश्व के महान कथा-शिल्पी प्रेमचंद का प्रारंभिक उपन्यास है―प्रेमा। विधवा जीवन की ज्वलंत समस्या को सशक्त ढंग से उठाने में सक्षम यह कथा विधवा विवाह की पक्षधर है।
• इसमें नायक सहसा ही समाज सुधार का बीड़ा उठाकर प्रेमा के साथ विवाह करने का वचन भंग कर देता है, जिससे विरोध की विचित्र स्थितियाँ उत्पन्न हो जाती हैं।
• यहाँ भी प्रेमचंद का तीखा विरोध उन शक्तियों के प्रति है, जो धर्म के नाम पर पाखंडों में डूबी हैं।
• इसी के साथ प्रेमा का पूर्व उर्दू-रूप 'हमखुर्मा व हमसवाब' भी दिया गया है। यहाँ इसे प्रस्तुत करने का वास्तविक कारण यह है कि प्रेमचंद साहित्य के अध्येता दोनों रूपों का अध्ययन कर प्रेमचंद की कथाधर्मिता को समझ-परख सकें।
• उपन्यास सम्राट के गौरव से विभूषित संसार के अग्रणी कथाकारों में प्रतिष्ठित प्रेमचंद की ये कृतियां सम्पूर्ण रूप में प्रामाणिक मूल पाठ हैं।
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Book Details
- Publisher
- Penguin Swadesh
- ISBN
- 9780143474234
- Format
- Paperback
- Language
- Hindi