APNE MALIK AAP - OSHO
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साक्षीभाव : परम सूत्र
मैं तुम्हें अपने पर नहीं रोकना चाहता। मैं तुम्हारे लिए द्वार बनूँ, दीवार न बनूँ। तुम मुझसे प्रवेश करो, मुझ पर रुको मत। तुम मुझसे छलांग लो, तुम उड़ो आकाश में। मैं तुम्हें पंख देना चाहता हूँ, तुम्हें बाँध नहीं लेना चाहता। इसीलिए तुम्हें सारे बुद्धों का आकाश देता हूँ। मैं तुम्हारे सारे बंधन तोड़ रहा हूँ। इसलिए मेरे साथ तो अगर बहुत हिम्मत हो तो ही चल पाओगे। अगर कमजोर हो, तो किसी कारागृह को पकड़ो, मेरे पास मत आओ।
वस्तुतः मैं तुम्हें कहीं ले जाना नहीं चाहता, उड़ना सिखाना चाहता हूँ। ले जाने की बात ही ओछी है। मैं तुमसे कहता हूँ, तुम पहुँचे हुए हो। जरा परों को तौलो, जरा तूफानों में उठो, जरा आंधियों के साथ खेलो, जरा खुले आकाश का आनंद लो। मैं तुमसे यह नहीं कहता कि सिद्धि कहीं भविष्य में है। अगर तुम उड़ सको तो अभी है, यहीं है।
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Book Details
- Publisher
- Penguin Swadesh
- ISBN
- 9780143459606
- Format
- Paperback
- Language
- Hindi
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