{"product_id":"patjhad-antima-titali-combo-book-set-of-3","title":"Patjhad + Antima + Titali – Combo Book Set of 3","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003ePatjhad - \u003c\/strong\u003eमैं बस ये कहना चाह रहा था कि अगर मैं किताब नहीं पढ़ता, अगर मैं इन दोनों जगहों पर नहीं जाता तो शायद मैं पिछली बार की तरह यूँ ही, पूरे म्यूज़ियम से टहलते हुए बाहर निकल आता। पहली बार उनके चित्रों के रंग मुझे अपनी तरफ़ खींच रहे थे, उनके ब्रश स्ट्रोक- अकेलापन, पीड़ा, प्रेम सारे कुछ से सने हुए थे। उनकी हर तस्वीर, तस्वीर बनाने की प्रक्रिया भी साथ लेकर चलती है। मैं उनकी पेंटिंग Weeping Nude के सामने जाने कितनी देर खड़ा रहा! मैं Munch के सारे रंगों को जानता था, वो मेरे जीवन के रंग थे, वो मेरे अकेलेपन, कमीनेपन के रंग थे, अगर कोई पूछे कि गहरी उदासी कैसी होती है तो मैं Munch की किसी पेंटिंग की तरफ़ ही इशारा करूँगा।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eAntima - \u003c\/strong\u003e\u003cstrong data-end=\"980\" data-start=\"968\"\u003eअंतिमा\"\u003c\/strong\u003e मानव कौल का एक गहन और मार्मिक हिंदी उपन्यास है, जिसे \u003cstrong data-end=\"1049\" data-start=\"1034\"\u003eहिंदी युग्म\u003c\/strong\u003e द्वारा प्रकाशित किया गया है। यह कहानी जीवन की नाज़ुकता, समाप्ति के भय और स्वीकार्यता की शांत सुंदरता को बेहद संवेदनशीलता से छूती है। \u003cem data-end=\"1191\" data-start=\"1183\"\u003eअंतिमा\u003c\/em\u003e न केवल पात्र का नाम है, बल्कि वह प्रतीक है—एक ऐसे मोड़ का, जहाँ सब कुछ ठहरने लगता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp data-end=\"1538\" data-start=\"1279\"\u003eमानव कौल की लेखनी यहाँ फिर एक बार भावनाओं की गहराई में उतरती है। यह उपन्यास जीवन, अकेलेपन और उस अव्यक्त पीड़ा की बात करता है जिसे हम अक्सर शब्द नहीं दे पाते। \u003cem data-end=\"1445\" data-start=\"1437\"\u003eअंतिमा\u003c\/em\u003e उन पाठकों के लिए है जो साहित्य में आत्मा की आवाज़ को सुनना पसंद करते हैं—धीमी, लेकिन असरदार।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eTitali - \u003c\/strong\u003eनई बात कहने की तलाश में किसी भी कहानी के पहले एक लंबी गहरी चुप होती है। हम उसे सन्नाटा नहीं कह सकते हैं। कोरे पन्ने और भीतर पल रहे संसार के बीच संवादों का जमघट लगा होता है। बहुत देर से चली आ रही चुप में संघर्ष नई बात कहने के आश्चर्य का चल रहा होता है। इस चुप और शांत दिख रहे तालाब के भीतर पूरी दुनिया हरकत कर रही होती है। नया कहने में कुछ नए शब्द मुँह से निकलते हैं, पर उन शब्दों में जिए हुए का वज़न कम नज़र आता है। कुछ भी नया कहाँ से आता है? हमारे जिए हुए से ही। पर हमारे जिए हुए की भी एक सीमा है। हमारे जिए हुए के तालाब का दायरा छोटा होता है शायद इसीलिए किसी भी क़िस्म के नए अनुभव का टपकना कभी हमारे कहे में बड़े वृत्त नहीं बना पाता है।\u003c\/p\u003e","brand":"Combo","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":67766048719090,"sku":"Diwali_Combo_13","price":417.9,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0842\/6881\/0482\/files\/Diwali_Sale_12.png?v=1792229369","url":"https:\/\/booksbunnii.com\/products\/patjhad-antima-titali-combo-book-set-of-3","provider":"BOOKS BUNNII","version":"1.0","type":"link"}