{"product_id":"almost-pyar-ऑलमोस्ट-प्यार","title":"Almost Pyar । ऑलमोस्ट प्यार","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eप्यार हमेशा पूरा होकर ही प्यार नहीं बनता। कुछ रिश्ते दोस्ती और प्रेम के बीच कहीं ठहर जाते हैं, कुछ साथ रहकर भी नाम नहीं पाते, और कुछ वर्षों की दूरी, चिट्ठियों और इंतज़ार के बावजूद भीतर बने रहते हैं। \u003c\/span\u003e\u003cspan class=\"a-text-bold\"\u003e‘ऑलमोस्ट प्यार’\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e ऐसी ही अधूरी, बेनाम और बदलते समय के साथ बदलती मोहब्बतों की कहानियों का संग्रह है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eदिव्य प्रकाश दुबे इन कहानियों में प्रेम को किसी आदर्श तस्वीर की तरह नहीं, बल्कि रोज़मर्रा की ज़िंदगी के बीच देखते हैं—जहाँ शादी, करियर, दूरी, आकर्षण, दोस्ती, अकेलापन और इच्छाएँ लगातार रिश्तों की परिभाषाएँ बदलते रहते हैं। कहीं किसी रिश्ते को बस ‘रहने देना’ प्यार से भी बड़ी बात बन जाता है, तो कहीं वर्षों का इंतज़ार एक पूरी कहानी रच देता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eअपनी सहज भाषा, हल्के हास्य और गहरी भावनात्मक परतों के साथ \u003c\/span\u003e\u003cspan class=\"a-text-bold\"\u003e‘ऑलमोस्ट प्यार’\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e उन रिश्तों की किताब है जो पूरे न होकर भी हमारे भीतर पूरे बने रहते हैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Hind Yugm","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":67627903025394,"sku":"9788169516082","price":239.2,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0842\/6881\/0482\/files\/9788169516082.jpg?v=1791031770","url":"https:\/\/booksbunnii.com\/products\/almost-pyar-%e0%a4%91%e0%a4%b2%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b0","provider":"BOOKS BUNNII","version":"1.0","type":"link"}