{"title":"Short Stories","description":null,"products":[{"product_id":"9789384419905","title":"Arthla Sangram Sindhu Gatha - Part 1","description":"\u003cp\u003eमिट्टी से घड़े बनाने वाले मनुष्य ने हजारों वर्षों में अपना भौतिक ज्ञान बढ़ाकर उसी मिट्टी से यूरेनियम छानना भले ही सीख लिया हो, परंतु उसके मानसिक विकास की अवस्था आज भी आदिकालीन है।\u003cbr\u003e\nकाल कोई भी रहा हो– त्रेता, द्वापर या कलियुग, मनुष्य के सगुण और दुर्गुण युगों से उसके व्यवहार को संचालित करते रहे हैं।\u003cbr\u003e\nयह गाथा किसी एक विशिष्ट नायक की नहीं, अपितु सभ्यता, संस्कृति, समाज, देश-काल, निर्माण तथा प्रलय को समेटे हुए एक संपूर्ण युग की है। वह युग, जिसमें देव, दानव, असुर एवं दैत्य जातियाँ अपने वर्चस्व पर थीं। यह वह युग था, जब देवास्त्रों और ब्रह्मास्त्रों की धमक से धरती कंपित हुआ करती थी।\u003cbr\u003e\nशक्ति प्रदर्शन, भोग के उपकरणों को बढ़ाने, नए संसाधनों पर अधिकार तथा सर्वोच्च बनने की होड़ ने देवों, असुरों तथा अन्य जातियों के मध्य ऐसे आर्थिक संघर्ष को जन्म दिया, जिसने संपूर्ण जंबूद्वीप को कई बार देवासुर-संग्राम की ओर ढकेला। परंतु इस बार संग्राम-सिंधु की बारी थी। वह अति विनाशकारी महासंग्राम जो दस देवासुर-संग्रामों से भी अधिक विध्वंसक था।\u003cbr\u003e\nसंग्राम-सिंधु गाथा का यह खंड देव, दानव, असुर तथा अन्य जातियों के इतिहास के साथ देवों की अलौकिक देवशक्ति के मूल आधार को उदघाटित करेगा\u003c\/p\u003e","brand":"Hind Yugm","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49850123124978,"sku":"9789384419905","price":239.2,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0842\/6881\/0482\/files\/9789384419905.jpg?v=1787135683"},{"product_id":"9788195128662","title":"Anumita । अनुमिता","description":"\u003cp\u003eअंजली मिश्रा, यह नाम साहित्य जगत में नया है लेकिन इनकी लेखनी विगत कई वर्षों से साहित्य की सेवा में लगी हुई है। विभिन्न समाचार पत्रों में सामाजिक विषयों पर इनके लेख छपते रहते हैं। ‘अनुमिता’ उपन्यास पाठक को जहाँ 90 के दशक वाले प्यार और उसकी कसक से परिचित कराता है, वहीं नई पीढ़ी को जीवन में प्रेम की प्रासंगिकता से भी अवगत कराता है। जीवन की आपाधापी में समाज के बनाए नियमों को मानते हुए अपना जीवन व्यतीत करना बहुत कठिन होता है। बहुत सारे उतार-चढ़ाव, पारिवारिक ग़लतफ़हमियाँ और दो प्यार करने वालों के बीच ज़िद की दीवार खड़ी दिखाई देती है। इस उपन्यास में सिद्धांत का अनुमिता के लिए एकतरफ़ा प्यार और अनुमिता का सिद्धांत के लिए छुपा हुआ लगाव पाठकों में अनजाने ही एक सुखद अहसास भर देता है और दोनों को मिला देने की उत्कंठा भी। मध्यम परिवार में जन्मी हर लड़की खुद को अनुमिता की जगह पाएगी।\u003c\/p\u003e","brand":"Hind Yugm","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49850127876338,"sku":"9788195128662","price":120.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0842\/6881\/0482\/files\/9788195128662.webp?v=1786001673"},{"product_id":"9788195352968","title":"Doosari Duniya । दूसरी दुनिया","description":"\u003cp\u003e‘जिन कहानियों में प्यार बेइंतहा होता है, उन कहानियों की एक दूसरी दुनिया होती है’ ‘दूसरी दुनिया’ बस एक किताब नहीं है जिसे सिर्फ़ पढ़ा जाना चाहिए, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि सच्चे प्रेमी कभी मरते नहीं। वैसे ही जैसे लैला-मजनू, हीर-रांझा, रोमियो-जूलियट आज भी ज़िंदा हैं। प्यार में पड़ना और फिर बिछड़कर अपनी-अपनी राह में आगे बढ़ जाना आज के युग में आम है। मगर प्रेम क्या बस इतना ही है? नहीं। यह प्रेम बिल्कुल भी नहीं है और न ही यह प्रेम की दुनिया है। प्रेम की तो एक ‘दूसरी दुनिया’ होती है, जहाँ प्रेम दो दिन में नहीं मरता बल्कि अमर हो जाता है, सदियों-सदियों के लिए। ऐसी ही एक प्रेम कहानी छुपी है इस किताब के पन्नों में। यह कहानी आपसे मिलकर हमेशा के लिए आपकी होना चाहती है। बस आपके हाथों में किताब के खुलने की देरी है।\u003c\/p\u003e","brand":"Hind Yugm","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49850128531698,"sku":"9788195352968","price":120.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0842\/6881\/0482\/files\/9788195352968.webp?v=1786001723"},{"product_id":"9788199333949","title":"Mazdoor Ki Diary Ka Akhiri Panna","description":"","brand":"Khyaati Prakashan","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49856071729394,"sku":"9788199333949","price":192.5,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0842\/6881\/0482\/files\/9788199333949.webp?v=1786003900"},{"product_id":"9788199281981","title":"GAZA SE KHAT AUR ANYA KAHANIYAN","description":"","brand":"Aas Publishers","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49856074088690,"sku":"9788199281981","price":200.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0842\/6881\/0482\/files\/9788199281981.webp?v=1786004026"},{"product_id":"9788183222518","title":"JHAROKHA","description":"","brand":"Manjul Hindi","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49891914154226,"sku":"9788183222518","price":157.5,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0842\/6881\/0482\/files\/9788183222518_2908f0a0-71b3-4b7d-b003-995e3d0a8827.jpg?v=1786001981"},{"product_id":"9789381506462","title":"SHUBH YATRA","description":"","brand":"Manjul Hindi","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49891949773042,"sku":"9789381506462","price":269.1,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0842\/6881\/0482\/files\/9789381506462.jpg?v=1786001989"},{"product_id":"9788196329464","title":"Der Raat Tak","description":"\u003cp\u003e\"देर रात तक\" गौरव गुप्ता की छोटी-छोटी कहानियों का एक अद्वितीय संग्रह है, जो जीवन के विभिन्न पहलुओं और उसके अनगिनत क्षणों को गहराई से समझने का प्रयास करता है। यह पुस्तक हमें जीवन की जटिलता और उसकी सरलता के बीच के संघर्ष को उजागर करती है। यहाँ कहानियाँ प्रेम की हताशा, आशा, इंतजार, और अंधकार से उजाले की ओर बढ़ने की प्रेरणा देती हैं। गौरव गुप्ता ने अपनी इस कृति में जीवन के हर उस क्षण को पकड़ा है जो हमें सोचने, ठहरने और आगे बढ़ने पर मजबूर करता है। यह पुस्तक उन पाठकों के लिए है जो जीवन के बिखरे टुकड़ों में एक समग्र तस्वीर देखना चाहते हैं, जो अपने अतीत से साक्षात्कार करना चाहते हैं और उन भावनाओं का सामना करना चाहते हैं जिन्हें हमने कभी कहीं पीछे छोड़ दिया था। लेखक के बारे में: गौरव गुप्ता एक युवा कवि और लेखक हैं जिन्होंने अपनी साहित्यिक यात्रा में महत्वपूर्ण मुक़ाम हासिल किया है। उनका प्रसिद्ध कविता संग्रह \"तुम्हारे लिए\" (2018) मुम्बई लिटरेचर फेस्टिवल में बेस्ट पांडुलिपी अवार्ड से सम्मानित हो चुका है। उनकी रचनाएँ कई प्रतिष्ठित पत्रिकाओं और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्मों पर प्रकाशित हुई हैं, और वे एक कुशल अनुवादक भी हैं। उन्होंने महमूद दरवेश, निज़ार क़ब्बानी जैसे महत्वपूर्ण कवियों की कविताओं का अनुवाद किया है, जो साहित्यिक पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहे हैं। \"देर रात तक\" उनकी नवीनतम पुस्तक है, जो पाठकों को एक नए दृष्टिकोण से जीवन को समझने का अवसर प्रदान करती है।\u003c\/p\u003e","brand":"Pankti Prakashan","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49892938842354,"sku":"9788196329464","price":199.2,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0842\/6881\/0482\/files\/9788196329464.jpg?v=1786014527"},{"product_id":"9789352210602","title":"Aakhar Thore","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eलघु कथा इक्कीसवीं सदी की सर्वाधिक सशक्त स्वायत्त विधा है, जिसमें कम से कम शब्दों में देखी एवं भोगी हुयी घटनाएँ, कथाएँ तथा अनुभव संग्रहीत होते हैं। प्रस्तुत पुस्तक ‘आखर थोरे’ ५१ लघुकथाओं का संकलन है जिसमें वर्तमान समाज के प्राय: प्रत्येक पक्ष को अभिव्यक्त किया गया है। कहीं अमानुषिक व्यवहार, कहीं सामाजिक तथा राजनैतिक विसंगतियाँ तथा कहीं दीनों तथा वंचितों के प्रति करुणा तथा आक्रोश व्यक्त किया गया है। आज के टी.वी., लैपटॉप तथा मोबाइल की व्यस्ततम िंजदगी में चाहकर भी मानव भारी-भरकम, मोटी-मोटी पुस्तकें नहीं पढ़ सकता; इसलिए सर्वजन हिताय तथा सर्वजन-सुखाय छोटी-छोटी कथाओं का माहात्म बढ़ता जा रहा है। यही कारण है कि अर्थपूर्णता के साथ ही सुरुचिपूर्ण यह लघु-कथा संग्रह समय और समाज को समर्पित करते हुए मैं हर्षित भी हूँ और गौरवान्वित भी।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Lokbharti Prakashan","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49911091134706,"sku":"9789352210602","price":280.0,"currency_code":"INR","in_stock":false}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0842\/6881\/0482\/files\/9789352210602.webp?v=1787564139"},{"product_id":"9789350008010","title":"Peela Gulab","description":"","brand":"Vani Prakashan","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49920900923634,"sku":"9789350008010","price":135.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0842\/6881\/0482\/files\/9789350008010.jpg?v=1786700266"},{"product_id":"9789352293018","title":"Adhoori Kahani","description":"","brand":"Vani Prakashan","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49920915144946,"sku":"9789352293018","price":427.5,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0842\/6881\/0482\/files\/9789352293018.jpg?v=1786700328"},{"product_id":"baramde-बरामदे-by-mihir-joshi","title":"Baramde बरामदे By Mihir Joshi","description":"\u003cp class=\"cvGsUA block-font-kerning-normal block-font-feature-liga-off block-font-feature-clig-off block-font-feature-calt-off direction-ltr align-start para-style-body\"\u003e\u003cspan class=\"a_GcMg font-feature-liga-off font-feature-clig-off font-feature-calt-off text-decoration-none text-strikethrough-none\"\u003eकहीं स्कूटी की चाबी होने वाली है गुम, तो कहीं अंकल चिप्स के लिए किया जाएगा जुर्म ।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp class=\"cvGsUA block-font-kerning-normal block-font-feature-liga-off block-font-feature-clig-off block-font-feature-calt-off direction-ltr align-start para-style-body\"\u003e\u003cspan class=\"a_GcMg font-feature-liga-off font-feature-clig-off font-feature-calt-off text-decoration-none text-strikethrough-none\"\u003eकहीं प्यार से परीक्षा टकराएगी, तो कहीं आम खाते-खाते शर्ट पीली हो जाएंगी।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp class=\"cvGsUA block-font-kerning-normal block-font-feature-liga-off block-font-feature-clig-off block-font-feature-calt-off direction-ltr align-start para-style-body\"\u003e\u003cspan class=\"a_GcMg font-feature-liga-off font-feature-clig-off font-feature-calt-off text-decoration-none text-strikethrough-none\"\u003eकैसा लगता है जब सुनने ना मिले “आई लव यू टू”, और क्या चुना जाए जब विकल्प हो केवल जंगल या ज़ू ?\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp class=\"cvGsUA block-font-kerning-normal block-font-feature-liga-off block-font-feature-clig-off block-font-feature-calt-off direction-ltr align-start para-style-body\"\u003e\u003cspan class=\"a_GcMg font-feature-liga-off font-feature-clig-off font-feature-calt-off text-decoration-none text-strikethrough-none\"\u003eआइए लौटते हैं उन बरामदों में जो हमारे कई किस्से और कांड का हिस्सा बन जाते थे\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp class=\"cvGsUA block-font-kerning-normal block-font-feature-liga-off block-font-feature-clig-off block-font-feature-calt-off direction-ltr align-start para-style-body\"\u003e\u003cspan class=\"a_GcMg font-feature-liga-off font-feature-clig-off font-feature-calt-off text-decoration-none text-strikethrough-none\"\u003eमिहिर की ये कहानियाँ भारतीय कस्बाई मध्यवर्ग का सुंदर और मार्मिक रेखाचित्त्र खींचती हैं और क़िस्सागोई इतनी अनूठी है कि इस किताब को बार-बार पढ़ने का मन करता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Unbound Script","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":49941092761842,"sku":"9788169235037","price":104.3,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0842\/6881\/0482\/files\/9788169235037.jpg?v=1787048857"},{"product_id":"muhar-मुहर-by-chandan-pandey","title":"Muhar | मुहर By Chandan Pandey","description":"\u003cp\u003eरोली घमंडी है, रोली अकडू है, रोली ज़िद्दी है... ऐसी तमाम तोहमतों के बीच रोली है कि नौकरी पाने, नौकरी की जगह तक पहुँच पाने और वहाँ से घर लौटने की जद्दोजेहद से रोज़ गुज़र रही है। यक़ीन कीजिए कि ये साधारण सी दिखने वाली बातें एक वर्किंग वूमन के लिये रोज़ लड़ी जाने वाली लड़ाइयाँ हैं। जेंडर, आयु और शहरी\/ग्रामीण पृष्ठभूमि को केंद्र में रखकर किये जाने वाले कई सूक्ष्म और स्थूल भेदभाव हैं जिनका सामना रोली और उस जैसी तमाम कामकाजी स्त्रियों को रोज़ करना होता है। परिवार, समाज और रोज़गार के मुश्किल कुरुक्षेत्र में जूझती रोली को केंद्र में रखकर लिखी गई ये कहानियाँ हर कामकाजी स्त्री के जीवन, स्वप्न और संघर्ष का सूक्ष्म और मार्मिक दस्तावेज़ बन पड़ी हैं।\u003c\/p\u003e","brand":"Unbound Script","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49941095481586,"sku":"9789347125652","price":139.3,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0842\/6881\/0482\/files\/9789347125652.jpg?v=1787048946"},{"product_id":"holu-ka-dimag-chalata-hai-होलू-का-दिमाग-चलता-है-by-divik-ramesh","title":"Holu ka Dimag Chalata Hai | होलू का दिमाग चलता है By Divik Ramesh","description":"\u003cp\u003eहोलू का दिमाग चलता वरिष्ठ बाल साहित्यकार दिविक रमेश की सात नई कहानियों का यह संग्रह बच्चों के लिए ताज़गीभरी उद्भावनाओं और प्रेरक प्रसंगों से परिपूर्ण है। इन कहानियों में आवश्यक कल्पनाशीलता, सुसंगत और मनभावन ढंग से आती है, जो मनोरंजन के साथ जीवन के करीब भी ले जाती है। अनुभव की गहराई और वैज्ञानिक दृष्टि इन्हें और भी असरदार बनाती है। विविधता से भरपूर यह साहित्य हर उम्र के पाठकों को अपनत्व का एहसास कराता है और हर बार नए अनुभवों से परिचित कराता है।\u003c\/p\u003e","brand":"Unbound Script","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49941095579890,"sku":"9789348497963","price":122.5,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0842\/6881\/0482\/files\/9789348497963.jpg?v=1787048950"},{"product_id":"sadabahar-kahaniyan-ravindranath-tagore-सदाबहार-कहानियाँ-रवीन्द्रनाथ-ठाकुर","title":"Sadabahar Kahaniyan Ravindranath Tagore | सदाबहार कहानियाँ रवीन्द्रनाथ ठाकुर","description":"\u003cp\u003eरवीन्द्रनाथ ठाकुर 1861-1941 रवीन्द्रनाथ ठाकुर बांग्ला के विश्वप्रसिद्ध कवि, कथाकार, गीतकार, चित्रकार और शिक्षाविद थे। जिन्हें श्रद्धा से गुरुदेव कहा जाता है। उन्हें 1913 में गीतांजलि के लिए नोबेल पुरस्कार मिला, जो न सिर्फ़ हिंदुस्तान, बल्कि एशिया को मिला पहला नोबेल पुरस्कार है। उन्हें बांग्लादेश और हिंदुस्तान- दोनों देशों का राष्ट्रगान लिखने का गौरव हासिल है। उन्होंने भारतीय नवजागरण और राष्ट्रिय स्वाधीनता आन्दोलन को गहरे प्रभावित किया और जालियांवाला बाग़ जनसंहार के ख़िलाफ़ 'नाईटहुड' की उपाधि वापस कर दी। लेकिन वह अंधराष्ट्रवादी नहीं थे- वह विश्वमानवता के पक्षधर थे। यह संकलन उनकी बहुरंगी कहानियों का खूबसूरत गुलदस्ता है। आशा है आपको पसंद आएगा।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e \u003c\/p\u003e","brand":"Unbound Script","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49941099839730,"sku":"9789392088377","price":87.5,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0842\/6881\/0482\/files\/9789392088377_ea97ed54-ac3c-4c8b-999f-2d11a80e3b6b.jpg?v=1787049106"},{"product_id":"sadabahar-kahaniyan-sharatchandra-chattopadhyay-सदाबहार-कहानियाँ-शरतचन्द्र-चट्टोपाध्याय","title":"Sadabahar Kahaniyan Sharatchandra Chattopadhyay | सदाबहार कहानियाँ शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय","description":"शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय बांग्ला के सुप्रसिद्ध उपन्यासकार एवं काहनीकार हैं। इसमें मनुष्य की भावनात्मक ऊष्मा, त्याग और आदर्श की जैसी उदात्त अभिव्यक्ति है, वह दुनिया के किसी और कथाकार में दुर्लभ है। श्रीकांत और देवदास जैसे उपन्यासों का अनुवाद दुनिया की तमाम भाषाओं में हो चुका है। उनकी कहानियों में सिर्फ़ भावुकता नहीं बंगाल के सामाजिक \u003cp\u003eजीवन की झलक भी मिलती है। यों तो उनकी अधिसंख्य रचनाएँ स्त्री - जीवन की दारुण दशा का भावप्रवण अभिव्यक्ति हैं। लेकिन 'अभागी का स्वर्ग' जैसी कहानियाँ जाति-व्यवस्था और स्त्री-दमन के परिच्छेदी बिंदुओं की खोज करती हैं। इस संकलन में उनकी हर तरह की कहानियाँ मिलेंगी।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Unbound Script","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49941099872498,"sku":"9789392088803","price":87.5,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0842\/6881\/0482\/files\/9789392088803_740ddb37-c99b-4f3f-9f2b-2968ee9d9ed4.jpg?v=1787049107"},{"product_id":"sadabahar-kahaniyan-saadat-hasan-manto-सदाबहार-कहानियाँ-सआदत-हसन-मंटो","title":"Sadabahar Kahaniyan Saadat Hasan Manto | सदाबहार कहानियाँ सआदत हसन मंटो","description":"\u003cp\u003eसआदत हसन मंटो 1912 - 1955 मंटो उन लेखकों में हैं, जिन्होंने आदर्श और मर्यादा के नाम पर चलने वाले पाखण्ड को तार-तार कर दिया और | सामाजिक यथार्थ को नंगी आँखों से देखना सिखाया। इसके चलते उनपर कई बार अश्लीलता के आरोप गले। इस बाबत छः मुक़दमें चले। तीन अविभाजित भारत में और तीन पाकिस्तान में। लेकिन ये आरोप साबित नहीं हुए। टोबाटेक सिंह, बू, काली शलवार, खोल दो जैसी कहानियों ने न सिर्फ़ उर्दू बल्कि हिंदी कथा साहित्य को भी प्रभावित किया। उन्हें कहानियों के अतिरिक्त रेडियो और फिल्म पटकथा लेखन के लिए भी याद किया जाता है।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Unbound Script","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49941099905266,"sku":"9789392088452","price":87.5,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0842\/6881\/0482\/files\/9789392088452.jpg?v=1787049108"},{"product_id":"sadabahar-kahaniyan-oscar-wilde-सदाबहार-कहानियाँ-ऑस्कर-वाइल्ड","title":"Sadabahar Kahaniyan Oscar Wilde | सदाबहार कहानियाँ ऑस्कर वाइल्ड","description":"\u003cp\u003eऑस्कर वाइल्ड अपनी विलक्षण रचनात्मक प्रतिभा, विराट कल्पनाशीलता और प्रखर विचारशीलता के लिए जाने जाते हैं। उन्हें अंग्रेजी साहित्य में शेक्सपियर के बाद दूसरा सबसे लोकप्रिय लेखक माना जाता है। उन्होंने नाटक, कहानी, उपन्यास के साथ कविताएँ भी लिखीं। जिन्हें अनुवादों के ज़रिए दुनिया भर में पढ़ा गया। द बैलेड ऑफ रीडिंग गोल और द प्रोफनडिस उनकी सुप्रसिद्ध कृतियाँ हैं। लेडी विंडरम' र्स फैन और द इम्पॉर्टन्स ऑफ अर्नेस्ट जैसे नाटकों ने भी खासी लोकप्रियता अर्जित की। द पिक्चर ऑफ़ डोरियन ग्रे उनका लोकप्रिय व एकमात्र उपन्यास है। लेकिन अंग्रेजी से बाहर सबसे ज्यादा लोकप्रिय हुईं उनकी कहानियाँ । उनकी परीकथाओं ने संसार भर के बच्चों व किशोरों की दुनिया को कल्पना के पंख लगा दिए। यहाँ उनकी कुछ श्रेष्ठ कहानियाँ और परीकथाएँ दी जा रही हैं। ताकि हर वय के पाठक इसका आनंद उठा सकें।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\n\u003c\/p\u003e","brand":"Unbound Script","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49941099938034,"sku":"9789392088773","price":87.5,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0842\/6881\/0482\/files\/9789392088773.jpg?v=1787049109"},{"product_id":"sadabahar-kahaniyan-munshi-premchand-सदाबहार-कहानियाँ-मुंशी-प्रेमचंद","title":"Sadabahar Kahaniyan Munshi Premchand | सदाबहार कहानियाँ मुंशी प्रेमचंद","description":"\u003cp\u003eमुंशी प्रेमचंद 1880-1936 प्रेमचंद हिंदी के विश्वप्रसिद्ध लेखक हैं। उनके उपन्यास- सेवासदन, प्रेमाश्रम, रंगभूमि, निर्मला, ग़बन, कर्मभूमि, गोदान - भारतीय जन-जीवन का आईना और विश्वसाहित्य की अमूल्य निधियाँ हैं। उन्होंने हिंदी कहानी व उपन्यास को मनोरंजन और निरी उपदेशात्मकता से निकालकर सार्थक सामाजिक आधार दिया। उन्होंने अपने सम्पादन, सामायिक टिप्पणियों और वक्तव्यों के ज़रिए भी समाज को संस्कारित करने की कोशिश की। इस संकलन में उनकी शुरुआती कहानियों से लेकर अन्तिम कहानी - कफ़न तक को संकलित किया गया। इसमें उनकी हर तरह की कहानियाँ हैं। आशा है यह संकलन आपको पसंद आएगा ।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Unbound Script","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49941100101874,"sku":"9789392088391","price":87.5,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0842\/6881\/0482\/files\/9789392088391_300b4d34-963a-4797-87cb-af96a5b3f77d.jpg?v=1787049110"},{"product_id":"sadabahar-kahaniyan-maxim-gorky-सदाबहार-कहानियाँ-मैक्सिम-गोर्की","title":"Sadabahar Kahaniyan Maxim Gorky | सदाबहार कहानियाँ मैक्सिम गोर्की","description":"\u003cp\u003eमैक्सिम गोर्की रूस के प्रसिद्ध लेखक और संस्कृति चिंतक थे। गोर्की एक सामान्य मजदूर थे लेकिन अपनी रचनात्मक प्रतिभा से दुनिया के चहेते लेखक बन गये। उनकी लेखन शैली ने अनगिनत लेखकों को प्रभावित किया, जिसे \"समाजवादी यथार्थवाद\" कहा जाता है। उनकी रचनाओं में ग़रीब-अमीर में निरंतर बना रहने वाला संघर्ष, उनकी सौन्दर्य भावना, खुशी, जिजीविषा और अनुभव से पैदा परिवर्तनकारी विवेक की रचनात्मक अभिव्यक्ति होती है। यहाँ उनकी हर तरह की कहनियाँ मिलेंगी ।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Unbound Script","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49941103083762,"sku":"9789392088766","price":87.5,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0842\/6881\/0482\/files\/9789392088766_21f0080b-1d2e-429d-8671-537274eaa5ae.jpg?v=1787049112"},{"product_id":"sadabahar-kahaniyan-maupassant-सदाबहार-कहानियाँ-मोपासां","title":"Sadabahar Kahaniyan Maupassant |  सदाबहार कहानियाँ  मोपासां","description":"\u003cp\u003eहेनरी रेने अल्बर्ट गाय द मोपासां फ्रांसीसी भाषा के महानतम लेखकों में से एक हैं। उन्हें आधुनिक कहानियों का पिता कहा जाता है। उन्होंने उत्तरी फ्रांस, नार्मंडी के किसानों, उनकी जीवन स्थितियों और मनोभावों का यथार्थपरक चित्रण किया है। वह फ्रांस-प्रूसिया युद्ध का चित्रण इतनी सूक्ष्मता और तफ्सील से करते हैं कि सब कुछ आंखों के सामने घटित होता हुए लगता है। मात्र 43 साल के जीवन-काल में मोपासां ने तीन सौ कहानियां और सात उपन्यासों की रचना कर डाली। इस संकलन में उनकी कुछ बेहतरीन कहानियां संकलित हैं। आशा है यह संकलन आपको पसंद आएगा।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Unbound Script","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49941103116530,"sku":"9789392088476","price":87.5,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0842\/6881\/0482\/files\/9789392088476_10cc184d-846d-47e2-b235-508f384228c4.jpg?v=1787049113"},{"product_id":"sadabahar-kahaniyan-lu-xun-सदाबहार-कहानियाँ-लू-शुन","title":"Sadabahar Kahaniyan Lu Xun | सदाबहार कहानियाँ लू शुन","description":"\u003cp\u003eलू शुन 1881-1936 लू शुन विश्वप्रसिद्द आधुनिक चीनी लेखक हैं। उन्होंने अपनी कहानियों में आम लोगों की जिंदगी का यथार्थपरक चित्रण किया। उनकी इस शैली ने दुनिया भर के लेखकों को प्रभावित किया। दुनिया भर की भाषाओं में उनकी कहानियों का अनुवाद भी हुआ। वह आलोचक, व्याख्याता, अनुवादक, कवि, निबंधकार और प्रतिष्ठित राज्य सेवक भी थे। वह सच्चे अर्थों में जनता के लेखक थे। उन्होंने जनता की चेतना को और साफ़ करने के साथ जनता के लिए अनगिनत लेखक तैयार कर दिए।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Unbound Script","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49941103149298,"sku":"9789392088834","price":87.5,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0842\/6881\/0482\/files\/9789392088834_af3c43dd-6e23-48ca-b8fc-bd5b34706d73.jpg?v=1787049114"},{"product_id":"sadabahar-kahaniyan-leo-tolstoy-सदाबहार-कहानियाँ-लेव-तोल्स्तोय","title":"Sadabahar Kahaniyan Leo Tolstoy | सदाबहार कहानियाँ लेव तोल्स्तोय","description":"\u003cp\u003eलेव तोल्स्तोय 1828-1910 रूसी लेखक तोल्स्तोय 19वीं सदी के महानतम लेखकों में से एक हैं। 'युद्ध और शान्ति' तथा 'अन्ना करेनिना' शीर्षक उनके उपन्यास विश्वसाहित्य की अमूल्य निधियाँ हैं। वह मनुष्य के संघर्षों, बुराइयों और उसकी छुपी हुई अच्छाइयों को रचने वाले कथाकार हैं। उपन्यासों के अतिरिक्त उन्होंने कहानी, निबंध और नाटकों की भी रचना की है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी उनके नैतिक चिंतन से गहरे प्रभावित थे। हिंदी के विश्वप्रसिद्ध कथाकार प्रेमचंद ने आज से सदी भर पहले उनकी कई कहानियों का अनुवाद प्रकाशित किया था। जिनमें से कुछ कहानियाँ यहाँ दुबारा संकलित की जा रही हैं। आशा है यह संकलन आपको पसंद आएगा।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Unbound Script","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49941103182066,"sku":"9789392088384","price":87.5,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0842\/6881\/0482\/files\/9789392088384_f99b622d-8753-454d-a680-309ff76f83a7.jpg?v=1787049116"},{"product_id":"sadabahar-kahaniyan-jaishankar-prasad-सदाबहार-कहानियाँ-जयशंकर-प्रसाद","title":"Sadabahar Kahaniyan Jaishankar Prasad | सदाबहार कहानियाँ जयशंकर प्रसाद","description":"\u003cp\u003e“जयशंकर प्रसाद की क्लासिक कहानियाँ” प्रसिद्ध हिंदी लेखक जयशंकर प्रसाद द्वारा लिखित लघु कहानियों का एक संग्रह है। पुस्तक में उनकी कुछ सबसे लोकप्रिय और प्रशंसित कहानियाँ शामिल हैं, जो अपनी शक्तिशाली कहानी कहने, ज्वलंत कल्पना और गहरी दार्शनिक अंतर्दृष्टि के लिए जानी जाती हैं। इस पुस्तक की कहानियाँ भारत के विभिन्न हिस्सों पर आधारित हैं और प्रेम, त्याग, कर्तव्य और आध्यात्मिकता जैसे विषयों के इर्द-गिर्द घूमती हैं।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Unbound Script","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49941103214834,"sku":"9789392088469","price":87.5,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0842\/6881\/0482\/files\/9789392088469.jpg?v=1787049117"},{"product_id":"sadabahar-kahaniyan-jack-london-सदाबहार-कहानियाँ-जैक-लण्डन","title":"Sadabahar Kahaniyan Jack London | सदाबहार कहानियाँ जैक लण्डन","description":"\u003cp\u003eअमेरिकी लेखक जैक लण्डन का जन्म सैनफ्रांसिस्को में 12 जनवरी 1876 को हुआ था। उनका मूल नाम जॉन ग्रिफिथ चेनी था, लेकिन लेखन की दुनिया में जैक लण्डन के नाम से जाने गए। उनकी रचना 'द कॉल ऑफ़ द वाइल्ड' और 'वाइट फांग' ने उन्हें कहानी के इतिहास में उन्हें अमर कर दिया । 'टू बिल्ड अफ़ायर' और 'द मैक्सिकन' लोगों की ज़ेहन में छप जाने वाली किताबें हैं। उनकी कहानियों का रोमांचक और बीहड़ संसार और उसे पार कर जाने वाली दुर्लभ जिजीविषा पाठकों पर बेहद सकारात्मक प्रभाव डालता है\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Unbound Script","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49941103247602,"sku":"9789392088582","price":87.5,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0842\/6881\/0482\/files\/9789392088582.jpg?v=1787049118"},{"product_id":"sadabahar-kahnaiya-subhadra-kumari-chauhan-सदाबहार-कहानियाँ-सुभद्रा-कुमारी-चौहान","title":"Sadabahar Kahnaiya Subhadra Kumari Chauhan | सदाबहार कहानियाँ सुभद्रा कुमारी चौहान","description":"\u003cp\u003eसुभद्रा कुमारी चौहान के काव्य-प्रभाव का पता लगाने का कोई वस्तुनिष्ठ तरीका होता तो पता चलता कि उनकी कविताएँ पढ़कर कितने ही लोग हँसते-हँसते जेल चले गए। लेकिन उनकी कहानियाँ उपेक्षित रह गयीं। उनकी कहानियों में ज़रूरी सामाजिक मसलों को जिस तरह उठाया गया है उसे देखने पर उनका मुकम्मल व्यक्तित्व उभरता है। यहाँ उनकी कुछ बेहतरीन कहानियाँ संकलित हैं। आशा है आपको पसंद आएँगे।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Unbound Script","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49941103280370,"sku":"9789392088827","price":87.5,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0842\/6881\/0482\/files\/9789392088827_ab63404d-dcca-4f97-933f-a1e6a9571781.jpg?v=1787049119"},{"product_id":"sadabahar-kahaniya-arthur-conan-doyle-सदाबहार-कहानियाँ-आर्थर-कॉनन-डॉयल","title":"Sadabahar Kahaniya Arthur Conan Doyle | सदाबहार कहानियाँ आर्थर कॉनन डॉयल","description":"\u003cp\u003eसर आर्थर कॉनन डॉयल, एक स्कॉटिश चिकित्सक और लेखक थे। जिन्हें ज्यादातर लोग जासूस शरलॉक होम्स के क़िरदार वाली उनकी कहानियों और प्रोफ़ेसर चैलेंजर के साहसिक कारनामों के लिए जानते हैं। लेकिन इसके अतिरिक्त उन्होंने विज्ञान कथा, ऐतिहासिक उपन्यास, नाटक, कविता आदि विधाओं में विपुल लेखन किया। पहली बार 1887 में उनके चार उपन्यासों में से पहले उपन्यास स्टडी इन स्कार्लेट का प्रकाशन हुआ। जिसमें शरलॉक होम्स और डॉ. वाट्सन के बारे में पचास से ज्यादा कहानियाँ थीं। उनका गढ़ा यह जासूस का किरदार इतना लोकप्रिय हुआ कि लोग उसे वास्तविक व्यक्ति समझ लेते हैं और ख़ुद सर आर्थर कॉनन डायल को भूल जाते हैं। यहाँ शरलॉक होम्स के कुछ कारनामें दिए जा रहे हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eआशा है यह संकलन आपको पसंद आएगा।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e \u003c\/p\u003e","brand":"Unbound Script","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49941103313138,"sku":"9789392088759","price":87.5,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0842\/6881\/0482\/files\/9789392088759.jpg?v=1787049120"},{"product_id":"sadabahar-kahaniya-acharya-chatursen-shastri-सदाबहार-कहानियाँ-आचार्य-चतुरसेन-शास्त्री","title":"Sadabahar Kahaniya Acharya Chatursen Shastri | सदाबहार कहानियाँ आचार्य चतुरसेन शास्त्री","description":"\u003cp\u003eआचार्य चतुरसेन शास्त्री ने हिंदी के ऐतिहासिक और सामाजिक उपन्यासों को नया प्रस्थान दिया। स्पष्ट विषय, युग विशेष का समर्थ चित्रण, संस्कृतनिष्ठ तथा आलंकारिक भाषा-शैली में के नाते अलग से पहचाने जाते हैं। वैशाली की नगरवधू, वयं रक्षामः, सोमनाथ जैसे उनके उपन्यासों ने उन्हें लोगों के ज़ेहन में अमर कर दिया। उन्होंने अनेक विधाओं में लेखन कार्य किया है, लेकिन उपन्यास और कहानियाँ ही उनकी प्रतिष्ठा का आधार हैं। यहाँ उनकी हर टेस्ट की कुछ श्रेष्ठ कहानियाँ दी जा रही हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eआशा है आपको पसंद आएँगी।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e \u003c\/p\u003e","brand":"Unbound Script","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49941103345906,"sku":"9789392088810","price":87.5,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0842\/6881\/0482\/files\/9789392088810_014889df-6b65-4d1d-a3c6-8f2bd3354883.jpg?v=1787049121"},{"product_id":"9780143473817","title":"SATI SAVITRI HINDI","description":"\u003cp\u003eहिंदू, बौद्ध और जैन साहित्य ऐसी कहानियों से भरा पड़ा है, जहाँ महिलाएँ पुरुषों को अपना धर्म परिभाषित नहीं करने देती हैं। आधुनिक समय में हम इसे नारीवाद कहते हैं। वेदों में, एक महिला की पसंद को स्वीकार करना एक बुद्धिमान और सुरक्षित मन की अभिव्यक्ति है। जबकि पश्चिमी मिथक में, पितृसत्ता पारंपरिक है और नारीवाद प्रगतिशील है। भारतीय मिथक में पितृसत्ता और नारीवाद दोनों हमेशा पुनर्जन्म के अंतहीन चक्रों के माध्यम से शाश्वत तनाव में सह-अस्तित्व में रहे हैं। इस प्रकार मुक्ति एक विदेशी विचार नहीं है। यह हमेशा यहाँ रहा है। आपने पितृसत्ता की कहानियाँ सुनी हैं। यह पुस्तक आपको अन्य कहानियाँ सुनाती है – वे कहानियाँ जो आपको सुनाई नहीं गईं।\u003c\/p\u003e","brand":"Penguin Swadesh","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50515199852786,"sku":"9780143473817","price":269.1,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0842\/6881\/0482\/files\/9780143473817.avif?v=1790067252"},{"product_id":"9780143463474","title":"Madhushala","description":"","brand":"Penguin Swadesh","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":67584210436338,"sku":"9780143463474","price":179.1,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0842\/6881\/0482\/files\/9780143463474.jpg?v=1790596211"},{"product_id":"babban-carbonate-बब्बन-कार्बोनेट","title":"Babban Carbonate। बब्बन कार्बोनेट","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eकुमाऊँ के क़स्बों, पहाड़ी जीवन और तेज़ी से बदलते मध्यवर्ग की दुनिया को अशोक पाण्डे ऐसी क़िस्सागोई में दर्ज करते हैं, जहाँ सच और गप्प एक-दूसरे में घुलकर जीवन का अधिक सच्चा चेहरा दिखाते हैं। ‘बब्बन कार्बोनेट’ कहानियों, संस्मरणों, चरित्र-चित्रों और रिपोर्ताज की सीमाएँ लाँघती एक बेहद सरस और तीखी किताब है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eइन पन्नों में नारायणराम मास्साब से लेकर गट्टू भाई, हरकुवा गाँठी, रज्जो, पलाट वाले पापा और बब्बन कार्बोनेट तक अनेक अविस्मरणीय पात्र अपनी विचित्रताओं, कमज़ोरियों और कारनामों के साथ उपस्थित हैं। कोई विपश्यना का बखान करता है, कोई एंगर मैनेजमेंट में लगा है, कोई अपने ही बनाए सामाजिक ठाठ में उलझा है। लेखक की दृष्टि उनके हास्यास्पद व्यवहार पर ठहरती अवश्य है, लेकिन उन्हें कभी मनुष्यता से वंचित नहीं करती।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eस्थानीय बोलियों की जीवंतता, बोलचाल की सहज लय, संस्कृतनिष्ठ शब्दावली का खिलंदड़ा प्रयोग और ठेठ देसी व्यंग्य इस पुस्तक को विशिष्ट बनाते हैं। हँसी के नीचे यहाँ करुणा, स्मृति और हमारे समय की बेचैनी लगातार बहती रहती है। यह उन पाठकों के लिए है जो क़िस्सों में\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eअपने शहर, अपने पहाड़, अपने परिचित लोगों और शायद स्वयं को भी पहचान लेना चाहते हैं—और पहचानते ही हँसने के साथ थोड़ा असहज भी होना चाहते हैं। स्वाद देर तक रहेगा।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Hind Yugm","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":67660277809394,"sku":"9788119555734","price":239.2,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0842\/6881\/0482\/files\/WhatsAppImage2026-10-08at4.18.45PM.jpg?v=1791522404"},{"product_id":"dilli-pahunchane-mein-kitna-waqt-lagta-hai-दिल्ली-पहुँचने-में-कितना-वक़्त-लगता-है","title":"Dilli Pahunchane Mein Kitna Waqt Lagta Hai | दिल्ली पहुँचने में कितना वक़्त लगता है","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eलाहौर से दिल्ली पहुँचने में कितना वक़्त लगता है—कुछ घंटे, या कभी-कभी पूरी उम्र?\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eएक बुज़ुर्ग रोज़ इस सफ़र का हिसाब लगाता है। परदेस में नौकरी तलाशते दो अनजान नौजवान एक-दूसरे की मूख पहचान लेते हैं। एक बेटी अपने पिता के फेंके हुए काग़ज़ों में उनका अनकहा प्यार सँभालती है। अपने घरों और समाज में जगह तलाशती स्त्रियाँ पूछती हैं कि उनकी सुरक्षा, इच्छा और आज़ादी का फ़ैसला आख़िर कौन करेगा।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan class=\"a-text-bold\"\u003e‘दिल्ली पहुँचने में कितना वक़्त लगता है’\u003c\/span\u003e\u003cspan class=\"a-text-bold\"\u003e समकालीन पाकिस्तानी कथाकारों की बीस कहानियों का संग्रह है। इनमें बँटवारे की स्मृतियाँ हैं, रोज़ी-रोटी की जद्दोजहद है, प्रेम की कसक है और धर्म तथा रिवाज की आड़ में पलती हिंसा से टकराते जीवन हैं। यथार्थ, व्यंग्य, फ़ंतासी और प्रतीकों के अलग-अलग रास्तों से ये कहानियाँ मनुष्य की असुरक्षा और उसके भीतर बची करुणा तक पहुँचती हैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp class=\"a-text-bold\"\u003e\u003cspan class=\"a-text-bold\"\u003eअविनाश अमन के चयन और हिंदी अनुवाद में सामने आती ये आवाज़ें हमें पड़ोसी मुल्क के उन घरों, गलियों और दिलों में ले जाती हैं जहाँ बहुत कुछ अपरिचित होकर भी अपना लगता है। पढ़ते हुए किसी किरदार के दुख में अपना दुख पहचान लेना शायद सरहद पार करने का सबसे आत्मीय तरीक़ा है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Hind Yugm","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":67660287246578,"sku":"9788169516167","price":199.2,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0842\/6881\/0482\/files\/WhatsAppImage2026-10-08at4.18.43PM.jpg?v=1791522995"},{"product_id":"fariyad-फ़रियाद","title":"Fariyad | फ़रियाद","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eइस किताब की ग्यारह कहानियों में प्रशासन है, स्त्रियाँ हैं, सरकारी दफ़्तर हैं, रिश्ते हैं, सपने हैं, शिकायतें हैं और वे तमाम छोटी-बड़ी मूर्खताएँ हैं जिनके बिना शायद हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी चल ही नहीं सकती। इन कहानियों की स्त्रियाँ भी बहुत समझदार होने का दावा नहीं करतीं। वे ग़लतियाँ करती हैं, उलझती हैं, सवाल पूछती हैं, अपनी बात पर अड़ती हैं और कई बार वहाँ हँस देती हैं जहाँ गंभीर बने रहना ज़्यादा उचित माना जाता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eइन कहानियों में किसी समस्या का समाधान नहीं है। इनमें महज़ सवाल हैं, शिकायतें हैं और कुछ ऐसी परिस्थितियाँ हैं जिन्हें देखकर हँसी आती है। फिर थोड़ी देर बाद लगता है कि जिस बात पर हँसे थे, वह शायद इतनी मज़ेदार थी भी नहीं। इन्हें पढ़ते हुए जीवन और व्यंग्य के बीच फ़र्क़ करना मुश्किल हो जाता है। कई बार जो घटनाएँ बिल्कुल वास्तविक हैं, वे दोबारा पढ़ने पर किसी व्यंग्य-कथा जैसी लगने लगती हैं और जो पूरी तरह काल्पनिक हैं, वे किसी सरकारी बैठक की कार्यवाही से कम वास्तविक नहीं लगतीं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eये कहानियाँ दुनिया को समझने की कोशिश हैं। इनमें से कुछ बातें आपको हँसाएँगी, कुछ चिढ़ाएँगी और कुछ शायद ऐसी होंगी जिन्हें पढ़कर आप कहेंगे—यह तो हमारे साथ भी होता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Hind Yugm","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":67660292423922,"sku":"9788169516143","price":199.2,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0842\/6881\/0482\/files\/WhatsAppImage2026-10-08at4.18.42PM.jpg?v=1791523424"}],"url":"https:\/\/booksbunnii.com\/collections\/short-stories.oembed","provider":"BOOKS BUNNII","version":"1.0","type":"link"}